Tuesday, July 13, 2010

...चेहरे पर दिल उतर आया था.

आईने में दिखा कल दर्द बहुत ज्यादा,,
रात, चेहरे पर दिल उतर आया था.

किस्मत से नींद तक जाती हैं आँखे,,
रात, फिर ख्वाब वहां से लौट आया था.

फिर के आता है फिर 'वही' सा ख्याल,,
रात कहती है, काफ़िर पे दिल आया था.

क्यूँ कर कहा उसने मैखाना बंद हो गया,,
रात, मैंने देखा वही साकी यहाँ आया था.

यकीन करूँ तो किस पे, हाल ये है ,,
दिन में 'रात' से डर के मै आया था...Vivek
(4th July, 10)

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