थोडा खामोश क्या हुआ, खुश ही हो गए,,
दम ले रहा हूँ, ठहर तुझे दम दिखाता हूँ.
कीमत तू क्या चुकाएगा, तेरा ऐतबार क्या?
जमीन खिसकेगी, कहा जो हिसाब दिखाता हूँ.
'दरमयां' देख नाखुश हुआ, कहा था न !
कदम बढ़ा, बाकी चल के मै दिखाता हूँ.
हंसी को ओढ़ लेता है हिजाब की तरह,,
मै तो हमेशा कलेजा चीर के, दिखाता हूँ.
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