महफ़िल-ए-कुमार
Monday, March 30, 2020
"एकांत"
शोर थम गया है तुम्हारा
सिर्फ मैं ही हूं आसपास मेरे
अंधकार और प्रकाश के कहीं बीच
जहां परछाइयां भी नहीं बनती
इंद्रधनुष भी मिरिचिका नहीं बनाते
समय मौन हो जाता है
असली-नकली से बहुत दूर
शोर-शांति से आगे
एकांत के आनंद में....
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