महफ़िल-ए-कुमार
Wednesday, April 1, 2015
मेरी फितरत भी कुछ पत्तों सी है
मेरी फितरत भी कुछ पत्तों सी है,
जब भी टूटता हूं, उड़ने लगता हूं ... "कुमार"©
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