साँझ बन के मत झाकना मुझमे, मै ओस की बूंदों में में हूँ …
पर आँख भी मत बन जाना, निगाहों में नजरिये घुले होते हैं। गर्म हवाओं
से पहले बस मुट्ठी बंद कर लेना , हाँ मोती ऐसे ही बनते हैं। … 'कुमार'©
पर आँख भी मत बन जाना, निगाहों में नजरिये घुले होते हैं। गर्म हवाओं
से पहले बस मुट्ठी बंद कर लेना , हाँ मोती ऐसे ही बनते हैं। … 'कुमार'©
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