Thursday, December 27, 2012

इंसान होना जंग है ज़माने के आगे , 
हर तारीफ़ कम है "कमाने" के आगे .... कुमार

Saturday, August 25, 2012

कोई कह रहा था, जुबान सिली गई हैं यहीं....

टूटे हुए पत्तों की तरह पन्ने बिखरे हैं,
सच की स्याही किसी ने छिड़की थी,
कुछ कटी हुई जीभें भी पड़ी हैं,
गला भी कटा है, आवाज़ आई थी यहीं से,
चंद बूँदें खून की, धागे के साथ पड़ी हैं,
कोई कह रहा था, जुबान सिली गई हैं यहीं..... 'कुमार'

Saturday, June 30, 2012

रंगों में तेरी शकल डालूँगा....

तेरी ख़ुफ़िया ख़ामोशी में खलल डालूँगा,,
यकीनन ये सुरत-ए-हाल मै बदल डालूँगा.

चंद लकीरें अब नहीं लेंगी मेरा फैसला,,
मै अपनी मुट्ठी कस के मसल डालूँगा. 

इंतजार में तेरे वक़्त काफी गुज़र गया,,
अभी लम्हा एक और, एक और डालूँगा.

इन दीवारों को इस कदर मत देखो घूर के,,
कहा था न रंगों में तेरी शकल डालूँगा.

ना काबिल मै ऐसा नहीं हूँ 'कुमार',,
कि बात दिल की हो, मै अकल डालूँगा..... कुमार 

Sunday, June 17, 2012

खादिम की नज़र में हम एक हैं 
ख़त आते हैं बस अलग नामों से..... कुमार 

Monday, May 28, 2012

तेरा पीकदान कुछ दिनों से भरा-भरा सा है, 
कुछ दिनों से तू चख रहा है बातें अपनी ..... कुमार 

Sunday, April 8, 2012

....'रोटी' अब भी उसका सवाल क्यूँ है ?

कुआँ दे दिया पानी ही नहीं, ये हाल क्यूँ है ?

बेहयाई देखिये, पूछते हैं ये परचम लाल क्यूँ है ?

जीने की जुगत में उसने सुबह को शाम कर डाला,
अफ़सोस, 'रोटी' अब भी उसका सवाल क्यूँ है ?


पत्थर को पसीने से पिघला ईमारत खड़ी की थी,

मजदूर ही तो था, उसके मरने पे ये बवाल क्यूँ है ?

भूख से तो कल रात ही टूटा था एक रिश्ता,

कब्र में वो मछली और ऊपर ये जाल क्यूँ है ?

उसने राखों से बटोर ज़िन्दगी उठाई है 'कुमार', अब,

जलो मत कि उसके चेहरे पे ये जलाल क्यूँ है ? .... 



Saturday, April 7, 2012

शाम देखा है खबर बिकते, सुबह अखबार.....

कुछ इस तरह आता है मेरे हिस्से में प्यार,
जैसे बिखरे हुए किस्से में खोया हो किरदार.
 
अब इन कागजों पे भरोसा हो तो कैसे ?
शाम देखा है खबर बिकते, सुबह अखबार.
 
मुंसिफ की दुकान पे भी लगती हैं बोलियाँ.
सुबूत दब गए हैं, जिरह में बिक गया बाज़ार.
 
सजा के दरबार बैठी खामोश क्यूँ है दिल्ली ?
संगीने  खिंच गई हैं, क्या मुकाबिल है सरकार ?
 
सियासी बयानों में उलझा के मुल्क को 'कुमार',
रोज़ लूटा जा रहा है हर शख्स का ऐतबार......