महफ़िल-ए-कुमार
Tuesday, January 22, 2019
...क्योंकि मुस्कुराहट की उम्र नहीं होती
फूल खिल कर मुरझा सकते हैं,
सूरज शाम की दहलीज पर ढल सकता है,
इरादे मंजिल से पहले थक सकते हैं,
वक्त इन सबको समेट सकता है,
लेकिन, तुम मुस्कुराती रहना...,
मुस्कुराहट जज्बातों को रूह से जोड़ती है,
क्योंकि मुस्कुराहट की उम्र नहीं होती... 'कुमार'
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