चलते ही रहने से पैरों का घाव नजर आएगा,
धूप में निकलिए, तभी तो 'छांव' नजर आएगा.
इन शहरों की गलियां भी कहीं खत्म होती होंगी,
मोहब्बत से देखिए, इनमें भी गांव नजर आएगा.
मुसीबतें भी कुछ चलती-फिरती सी रहती हैं,
जरा मुस्कुरा के देखिए, इनका भी पांव नजर आएगा.
यूं लाशों को कंधों पर लेकर चलता है मुल्क मेरा,
सियसत तो देखिए, इसमें भी इन्हें दाव नजर आएगा.
तस्वीरों के झूठ में छिपाते हैं जज्बात दिनों-रात,
झांक कर देखिए, रिश्तों का अलगाव नजर आएगा.
गर एहसास ठंडे पड़ गए हों तो, बस देख भर लेना,
ये 'कुमार' का दिल है, यहां अलाव नजर आएगा.
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