आटे का सफेद घोल अश्वत्थामा के लिए दूध बन जाता है,
जंगलों में 'सरगूजे' के दो दानें मिलकर एक दाना 'धान' की बराबरी करते हैं,
अफसोस, चुल्हों से ज्यादा आज भी भूख जल रही है,
आसमान साफ है लेकिन हुकूमत की नीयत नहीं,
हरखुआ फिर खाली पेट सोया है, उससे स्वाद मत पूछो,
क्योंकि, भूख की जीभ नहीं होती... 'कुमार'